शून्य बजट खेती के साथ खुश पर्यावरण (Happy environment with Zero budget farming)

1 year ago
अपना संस्थान

यह वीडियो एक समृद्ध किसान की कहानी दिखा रहा है जो संवाहनीय खेती में विश्वास करतें हैं। वें हैं श्री हुकम चंद पाटीदार जो कि झलावार, राजस्थान से हैं। बचपन से ही, उन्होंने अपने पिता जी के साथ काम किया और विभिन्न कृषि गतिविधियों में उनका हाथ बटायां। वर्ष 2003 से पहले तक वे फ़सल की खेती के लिए रसायनों पर निर्भर रहते थे। परंतु, उन्हें फ़सल उपचार के लिए रासायनिक तत्वों का अधिक शौक नहीं था। वें इसके दुष्प्रभाव और पर्यावरण के बारे में सोचते थे। उन्होंने देखा और पाया कि किस तरह रासायनिक उपचार धीरे-धीरे मिट्टी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी आने लगी थी। इसलिए, उन्होंने अपनी फ़सल के लिए कई कार्बनिक घटकों का उपयोग करके "शून्य बजट खेती" की विधि को चुना, जो बीज के उपचार से शुरू होती है और भंडारण तक समाप्त होती है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर भी गौर किया और फ़सलों के उत्पादन के लिए नवीन तकनीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश की। कार्बनिक तरीके से खेती शुरू करने के लिए, उन्होंने सबसे पहले फ़सलों के अवशेषों को जलाना छोड़ा क्योंकि इससे कार्बन डाई ऑक्साइड उत्पन्न होता है और यह वातावरण को भी काफ़ी नुकसान पहुंचाता है। इसके बजाय, उन्होंने फ़सल के अवशेषों, पत्तियों, पौधे की डंठल, कागज आदि को मल्च/खाद बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। वे इस नुस्खे को मिट्टी के साथ मिश्रण बनाकर उपयोग करते थे ताकि लाभकारी जीवों के लिए मिट्टी में एक आदर्श वातावरण बनाया जा सके। कुल मिलाकर, वह अपने साथी किसानों को यही संदेश दें रहें हैं कि, कार्बनिक तरीके से की गयी खेती किस तरह अधिक उपज और अधिक मुनाफ़ा दे सकती है।

This video is sharing the story of a prosperous farmer who believes in sustainability. Mr. Hukum Chand Patidar belongs to Jhalawar, Rajasthan. Since childhood, he worked with his father and helped him on different farming activities. He was depending on chemicals before year 2003 for crop cultivation. But, he was not very fond of chemical supplies for crop treatments. He was concerned about its side effects and the environment. He was noticing that gradually chemical treatments were affecting soil health resulting in the leaching of soil micronutrients. Therefore, he chose the method of “zero budget farming”, using many organic components for his crops which starts from seed treatment and ends to storage. He observed the climate change smartly and tried to experience innovative techniques for prolific production of crops. To start farming in organic way, he first stopped stubble burning because it generates carbon di oxide and causes harm and to the clean environment. Instead, he was using remaining crop residues, residues of plants like leaves, plant stalks, papers etc. to make healthy mulch. He used to mix this recipe with soil to make it ideal habitat for beneficial organisms. Overall, he is giving a message to his fellow farmers, that how organic way of farming can result in bountiful production and healthy revenue.



For More Download the App